E olhando em redor para eles com indignação, condoendo-se da dureza dos seus corações, disse ao homem: Estende a tua mão. Ele a estendeu e ela foi restaurada como a outra.
फिर यीशु ने क्रोध में भर कर चारों ओर देखा और उनके मन की कठोरता से वह बहुत दुखी हुआ। फिर उसने उस मनुष्य से कहा, “अपना हाथ आगे बढ़ा।” उसने हाथ बढ़ाया, उसका हाथ पहले जैसा ठीक हो गया।
e de Jerusalém, da Iduméia e de além do Jordão, e das regiões de Tiro e de Sidom, grandes multidões, ouvindo falar de tudo quanto fazia, vieram ter com ele.
यहूदिया, यरूशलेम, इदूमिया और यर्दन नदी के पार के तथा सूर और सैदा के लोग भी थे। लोगों की यह भीड़ उन कामों के बारे में सुनकर उसके पास आयी थी जिन्हें वह करता था।
E os escribas que tinham descido de Jerusalém diziam: Ele está possesso de Belzebu; e: É pelo príncipe dos demônios que ele expulsa os demônios.
यरूशलेम से आये धर्मशास्त्री कहते थे, “उसमें बालजेबुल यानी शैतान समाया है। वह दुष्टात्माओं के सरदार की शक्ति के कारण ही दुष्टात्माओं को बाहर निकालता है।”
Pois ninguém pode entrar na casa do valente e roubar-lhe os bens, se primeiro não amarrar o valente; e então lhe saqueará a casa.
“किसी शक्तिशाली के मकान में घुसकर उसके माल-असवाब को लूट कर निश्चय ही कोई तब तक नहीं ले जा सकता जब तक सबसे पहले वह उस शक्तिशाली व्यक्ति को बाँध न दे। ऐसा करके ही वह उसके घर को लूट सकता है।