Matthew 4

Dann wurde Jesus von dem Geiste in die Wüste hinaufgeführt, um von dem Teufel versucht zu werden;
फिर आत्मा यीशु को जंगल में ले गई ताकि शैतान के द्वारा उसे परखा जा सके।
und als er vierzig Tage und vierzig Nächte gefastet hatte, hungerte ihn danach.
चालीस दिन और चालीस रात भूखा रहने के बाद जब उसे भूख बहुत सताने लगी
Und der Versucher trat zu ihm hin und sprach: Wenn du Gottes Sohn bist, so sprich, daß diese Steine Brot werden.
तो उसे परखने वाला उसके पास आया और बोला, “यदि तू परमेश्वर का पुत्र है तो इन पत्थरों से कहो कि ये रोटियाँ बन जायें।”
Er aber antwortete und sprach: Es steht geschrieben: "Nicht von Brot allein soll der Mensch leben, sondern von jedem Worte, das durch den Mund Gottes ausgeht."
यीशु ने उत्तर दिया, “शास्त्र में लिखा है, ‘मनुष्य केवल रोटी से ही नहीं जीता बल्कि वह प्रत्येक उस शब्द से जीता है जो परमेश्वर के मुख से निकालता है।’” व्यवस्थाविवरण 8:3
Dann nimmt der Teufel ihn mit in die heilige Stadt und stellt ihn auf die Zinne des Tempels
फिर शैतान उसे यरूशलेम के पवित्र नगर में ले गया। वहाँ मन्दिर की सबसे ऊँची बुर्ज पर खड़ा करके
und spricht zu ihm: Wenn du Gottes Sohn bist, so wirf dich hinab; denn es steht geschrieben: "Er wird seinen Engeln über dir befehlen, und sie werden dich auf den Händen tragen, damit du nicht etwa deinen Fuß an einen Stein stoßest."
उसने उससे कहा, “यदि तू परमेश्वर का पुत्र है तो नीचे कूद पड़ क्योंकि शास्त्र में लिखा है: ‘वह तेरी देखभाल के लिये अपने दूतों को आज्ञा देगा और वे तुझे हाथों हाथ उठा लेंगे ताकि तेरे पैरों में कोई पत्थर तक न लगे।’” भजन संहिता 91:11-12
Jesus sprach zu ihm: Wiederum steht geschrieben: "Du sollst den Herrn, deinen Gott, nicht versuchen."
यीशु ने उत्तर दिया, “किन्तु शास्त्र यह भी कहता है, ‘अपने प्रभु परमेश्वर को परीक्षा में मत डाल।’” व्यवस्थाविवरण 6:16
Wiederum nimmt der Teufel ihn mit auf einen sehr hohen Berg und zeigt ihm alle Reiche der Welt und ihre Herrlichkeit
फिर शैतान यीशु को एक बहुत ऊँचे पहाड़ पर ले गया। और उसे संसार के सभी राज्य और उनका वैभव दिखाया।
und spricht zu ihm: Alles dieses will ich dir geben, wenn du niederfallen und mich anbeten willst.
शैतान ने तब उससे कहा, “ये सभी वस्तुएँ मैं तुझे दे दूँगा यदि तू मेरे आगे झुके और मेरी उपासना करे।”
Da spricht Jesus zu ihm: Geh hinweg, Satan! denn es steht geschrieben: "Du sollst den Herrn, deinen Gott, anbeten und ihm allein dienen."
फिर यीशु ने उससे कहा, “शैतान, दूर हो! शास्त्र कहता है: ‘अपने प्रभु परमेश्वर की उपासना कर और केवल उसी की सेवा कर!’” व्यवस्थाविवरण 6:13
Dann verläßt ihn der Teufel, und siehe, Engel kamen herzu und dienten ihm.
फिर शैतान उसे छोड़ कर चला गया और स्वर्गदूत आकर उसकी देखभाल करने लगे।
Als er aber gehört hatte, daß Johannes überliefert worden war, entwich er nach Galiläa;
यीशु ने जब सुना कि यूहन्ना पकड़ा जा चुका है तो वह गलील लौट आया।
und er verließ Nazareth und kam und wohnte in Kapernaum, das am See liegt, in dem Gebiet von Zabulon und Nephtalim;
परन्तु वह नासरत में नहीं ठहरा और जाकर कफरनहूम में, जो जबूलून और ली के क्षेत्र में गलील की झील के पास था, रहने लगा।
auf daß erfüllt würde, was durch den Propheten Jesajas geredet ist, welcher spricht:
यह इसलिए हुआ कि परमेश्वर ने भविष्यवक्ता यशायाह के द्वारा जो कहा, वह पूरा हो:
"Land Zabulon und Land Nephtalim, gegen den See hin, jenseit des Jordan, Galiläa der Nationen:
“जबूलून और नपताली के देश सागर के रास्ते पर, यर्दन नदी के पश्चिम में, ग़ैर यहूदियों के देश गलील में।
das Volk, das in Finsternis saß, hat ein großes Licht gesehen, und denen, die im Lande und Schatten des Todes saßen, Licht ist ihnen aufgegangen."
जो लोग अँधेरे में जी रहे थे उन्होंने एक महान ज्योति देखी और जो मृत्यु की छाया के देश में रहते थे उन पर, ज्योति के प्रभात का एक प्रकाश फैला।” यशायाह 9:1-2
Von da an begann Jesus zu predigen und zu sagen: Tut Buße, denn das Reich der Himmel ist nahe gekommen.
उस समय से यीशु ने सुसंदेश का प्रचार शुरू कर दिया: “मन फिराओ! क्योंकि स्वर्ग का राज्य निकट है।”
Als er aber am See von Galiläa wandelte, sah er zwei Brüder: Simon, genannt Petrus, und Andreas, seinen Bruder, die ein Netz in den See warfen, denn sie waren Fischer.
जब यीशु गलील की झील के पास से जा रहा था उसने दो भाईयों को देखा शमौन (जो पतरस कहलाया) और उसका भाई अंद्रियास। वे झील में अपने जाल डाल रहे थे। वे मछुआरे थे।
Und er spricht zu ihnen: Kommet mir nach, und ich werde euch zu Menschenfischern machen.
यीशु ने उनसे कहा, “मेरे पीछे चले आओ, मैं तुम्हें सिखाऊँगा कि लोगों के लिये मछलियाँ पकड़ने के बजाय मनुष्य रूपी मछलियाँ कैसे पकड़ी जाती हैं।”
Sie aber verließen alsbald die Netze und folgten ihm nach.
उन्होंने तुरंत अपने जाल छोड़ दिये और उसके पीछे हो लिये।
Und von dannen weitergehend, sah er zwei andere Brüder: Jakobus, den Sohn des Zebedäus, und Johannes, seinen Bruder, im Schiffe mit ihrem Vater Zebedäus, wie sie ihre Netze ausbesserten; und er rief sie.
फिर वह वहाँ से आगे चल पड़ा और उसने देखा कि जब्दी का बेटा याकूब और उसका भाई यूहन्ना अपने पिता के साथ नाव में बैठे अपने जालों की मरम्मत कर रहे हैं। यीशु ने उन्हें बुलाया।
Sie aber verließen alsbald das Schiff und ihren Vater und folgten ihm nach.
और वे तत्काल नाव और अपने पिता को छोड़कर उसके पीछे चल दिये।
Und Jesus zog in ganz Galiläa umher, lehrte in ihren Synagogen und predigte das Evangelium des Reiches und heilte jede Krankheit und jedes Gebrechen unter dem Volke.
यीशु समूचे गलील क्षेत्र में यहूदी आराधनालयों में स्वर्ग के राज्य के सुसमाचार का उपदेश देता और हर प्रकार के रोगों और संतापों को दूर करता घूमने लगा।
Und sein Ruf ging aus in das ganze Syrien; und sie brachten zu ihm alle Leidenden, die mit mancherlei Krankheiten und Qualen behaftet waren, und Besessene und Mondsüchtige und Gelähmte; und er heilte sie.
समस्त सीरिया देश में उसका समाचार फैल गया। इसलिये लोग ऐसे सभी व्यक्तियों को जो संतापी थे, या तरह तरह की बीमारियों और वेदनाओं से पीड़ित थे, जिन पर दुष्टात्माएँ सवार थीं, जिन्हें मिर्गी आती थी और जो लकवे के मारे थे, उसके पास लाने लगे। यीशु ने उन्हें चंगा किया।
Und es folgten ihm große Volksmengen von Galiläa und Dekapolis und Jerusalem und Judäa und von jenseit des Jordan.
इसलिये गलील, दस नगर, यरूशलेम, यहूदिया और यर्दन नदी पार के लोगों की बड़ी बड़ी भीड़ उसका अनुसरण करने लगी।