Deuteronomy 6

haec sunt praecepta et caerimoniae atque iudicia quae mandavit Dominus Deus vester ut docerem vos et faciatis ea in terra ad quam transgredimini possidendam
“जिन आदेशों, विधियों और नियमों को यहोवा, तुम्हारे परमेश्वर ने तुम्हें सिखाने को मुझे कहा है, वे ये हैं। इनका पालन उस देश में करो जिसमे रहने के लिए तुम प्रवेश कर रहे हो।
ut timeas Dominum Deum tuum et custodias omnia mandata et praecepta eius quae ego praecipio tibi et filiis ac nepotibus tuis cunctis diebus vitae tuae ut prolongentur dies tui
तुम और तुम्हारे वंशजों को जब तक जीवित रहो, यहोवा अपने परमेश्वर का सम्मान करना चाहिए । तुम्हें उन सभी नियमों और आदेशों का पालन करना चाहिए जिन्हें मैं तुम्हें दे रहा हूँ। यदि तुम ऐसा करोगे तो उस नये देश में लम्बी उम्र पाओगे।
audi Israhel et observa ut facias et bene sit tibi et multipliceris amplius sicut pollicitus est Dominus Deus patrum tuorum tibi terram lacte et melle manantem
इस्राएल के लोगो, इसे ध्यान से सुनो और इन नियमों का पालन करो। तब सब कुछ तुम्हारे साथ अच्छा होगा और तुम एक महान राष्ट्र बनोगे। यहोवा, तुम्हारे पूर्वजों के परमेश्वर ने, इन सबके लिए वचन दिया है कि तुम बहुत सी अच्छी वस्तुओं से युक्त धरती को, जहाँ दूध और शहद बहता है, प्राप्त करोगे।
audi Israhel Dominus Deus noster Dominus unus est
“इस्राएल के लोगो, ध्यान से सुनो! यहोवा हमारा परमेश्वर है, यहोवा एक है!
diliges Dominum Deum tuum ex toto corde tuo et ex tota anima tua et ex tota fortitudine tua
और तुम्हें यहोवा, अपने परमेश्वर से अपने सम्पूर्ण हृदय, आत्मा और शक्ति से प्रेम करना चाहिए।
eruntque verba haec quae ego praecipio tibi hodie in corde tuo
इन आदेशों को सदा याद रखो जिन्हें मैं आज तुम्हें दे रहा हूँ।
et narrabis ea filiis tuis et meditaberis sedens in domo tua et ambulans in itinere dormiens atque consurgens
इनकी शिक्षा अपने बच्चों को देने के लिए सावधान रहो। इन आदेशों के बारे में तुम अपने घर में बैठे और सड़क पर घूमते बातें करो। जब तुम लेटो और जब जागो तब इनके बारे में बातें करो।
et ligabis ea quasi signum in manu tua eruntque et movebuntur inter oculos tuos
इन आदेशों को लिखो और मेरे उपदेशों को याद रखने में सहायता के लिए अपने हाथों पर इसे बांधो तथा प्रतीक रूप मे अपने ललाट पर धारण करो।
scribesque ea in limine et ostiis domus tuae
अपने घरों के दरवाजों, खम्भों और फाटकों पर इसे लिखो।
cumque introduxerit te Dominus Deus tuus in terram pro qua iuravit patribus tuis Abraham Isaac et Iacob et dederit tibi civitates magnas et optimas quas non aedificasti
“यहोवा तुम्हरा परमेश्वर तुम्हें उस देश में ले जाएगा जिसके लिए उसने तुम्हारे पूर्वजों—इब्राहीम, इसहाक और याकूब को देने का वचन दिया था। तब वह तुम्हें बड़े और सम्पन्न नगर देगा जिनहें तुमने नहीं बनाया।
domos plenas cunctarum opum quas non extruxisti cisternas quas non fodisti vineta et oliveta quae non plantasti
यहोवा तुम्हें अच्छी चीजों से भरे घर देगा जिन्हें तुमने वहाँ नहीं रखा। यहोवा तुम्हें कुएँ देगा जिन्हें तुमने नहीं खोदा है। यहोवा तुम्हें अंगूर और जैतून के बाग देगा जिन्हें तुमने नहीं लगाया। तुम्हारे खाने के लिए भरपूर होगा।
et comederis et saturatus fueris
“किन्तु सावधान रहो। यहोवा को मत भूलो जो तुम्हें मिस्र से लाया, जहाँ तुम दास थे।
cave diligenter ne obliviscaris Domini qui eduxit te de terra Aegypti de domo servitutis Dominum Deum tuum timebis et ipsi servies ac per nomen illius iurabis
यहोवा अपने परमेश्वर का सम्मान करो और केवल उसी की सेवा करो। वचन देने के लिए तुम केवल उसी के नाम का उपयोग करोगे।
non ibitis post deos alienos cunctarum gentium quae in circuitu vestro sunt
तुम्हें अन्य देवताओं का अनुसरण नहीं करना चाहिए। तुम्हें अपने चारों ओर रहने वाले लोगों के देवताओं का अनुसरण नहीं करना चाहिए।
quoniam Deus aemulator Dominus Deus tuus in medio tui nequando irascatur furor Domini Dei tui contra te et auferat te de superficie terrae
यहोवा तुम्हारा परमेश्वर सदा तुम्हारे साथ है और यदि तुम दूसरे देवताओं का अनुसरण करोगे तो वह तुम पर बहुत क्रोधित होगा! वह धरती से तुम्हारा सफाया कर देगा। यहोवा अपने लोगों द्वारा अन्य देवताओं की पूजा से घृणा करता है।
non temptabis Dominum Deum tuum sicut temptasti in loco temptationis
“तुम्हें यहोवा अपने परमेश्वर का परीक्षण उस प्रकार नहीं करना चाहिए जिस प्रकार तुमने मस्सा में किया।
custodi praecepta Domini Dei tui ac testimonia et caerimonias quas praecepit tibi
तुम्हें यहोवा अपने परमेश्वर के आदेशों के पालन के लिए दृढ़ निश्चय रखना चाहिए। तुम्हें उसके सभी उन उपदेशों और नियमों का पालन करना चाहिए जिन्हें उसने तुमको दिया है।
et fac quod placitum est et bonum in conspectu Domini ut bene sit tibi et ingressus possideas terram optimam de qua iuravit Dominus patribus tuis
तुम्हें वे बातें करनी चाहिए जो ठीक और अच्छी अर्थात् यहोवा को प्रसन्न करने वाली हों। तब तुम्हारे लिये हर एक बात ठीक होगी और तुम उस अच्छे देश में जा सकते हो जिसके लिए यहोवा ने तुम्हारे पूर्वजों को वचन दिया था
ut deleret omnes inimicos tuos coram te sicut locutus est
और तुम अपने सभी शत्रुओं को बलपूर्वक बाहर निकाल सकोगे, जैसा यहोवा ने कहा है।
cum interrogaverit te filius tuus cras dicens quid sibi volunt testimonia haec et caerimoniae atque iudicia quae praecepit Dominus Deus noster nobis
“भविष्य में, तुम्हारा पुत्र तुमसे यह पूछ सकता हे कि ‘यहोवा हमारे परमेश्वर ने हमें जो उपदेश, विधि और नियम दिये, उनका अर्थ क्या है?’
dices ei servi eramus Pharaonis in Aegypto et eduxit nos Dominus de Aegypto in manu forti
तब तुम अपने पुत्र से कहोगे, ‘हम मिस्र में फिरौन के दास थे, किन्तु यहोवा हमें बड़ी शक्ति से मिस्र से बाहर लाया।
fecitque signa atque prodigia magna et pessima in Aegypto contra Pharaonem et omnem domum illius in conspectu nostro
यहोवा ने हमें महान, भयंकर चिन्ह और चमत्कार दिखाए। हम लोगों ने उनके द्वारा इन घटनाओं को मिस्र के लोगों, फिरौन और फिरौन के महल के लोगों के साथ होते देखा
et eduxit nos inde ut introductis daret terram super qua iuravit patribus nostris
और यहोवा हम लोगों को मिस्र से इसलिए लाया कि वह वो देश हमें दे सके जिसके लिए उसने हमारे पूर्वजों को वचन दिया था।
praecepitque nobis Dominus ut faciamus omnia legitima haec et timeamus Dominum Deum nostrum et bene sit nobis cunctis diebus vitae nostrae sicut est hodie
यहोवा ने हमें इन सभी उपदेशों के पालन का आदेश दिया। इस प्रकार हम लोग यहोवा, अपने परमेश्वर का सम्मान करते हैं। तब यहोवा सदा हम लोगों को जीवित रखेगा और हम अच्छा जीवन बिताएंगे जैसा इस समय है।
eritque nostri misericors si custodierimus et fecerimus omnia praecepta eius coram Domino Deo nostro sicut mandavit nobis
यदि हम इन सारे नियमों का पालन परमेश्वर के निर्देशों के आधार पर करते हैं तो परमेश्वर हमें अच्छाईयों से भर देगा।’