Psalms 58

etenim in corde iniquitates operamini in terra iniquitatis manus vestras adpendite
न्यायाधीशों, तुम पक्षपात रहित नहीं रहे। तुम लोगों का न्याय निज निर्णयों में निष्पक्ष नहीं करते हो।
alienati sunt peccatores a vulva erraverunt ab utero loquentes mendacium
नहीं, तुम तो केवल बुरी बातें ही सोचते हो। इस देश में तुम हिंसापुर्ण अपराध करते हो।
furor eorum sicut furor serpentis sicut reguli surdi obturantis aurem suam
वे दुष्ट लोग जैसे ही पैदा होते हैं, बुरे कामों को करने लग जाते हैं। वे पैदा होते ही झूठ बोलने लग जाते हैं।
ut non audiat vocem murmurantium nec incantatoris incantationes callidas
वे उस भयानक साँप और नाग जैसे होते हैं जो सुन नहीं सकता। वे दुष्ट जन भी अपने कान सत्य से मूंद लेते हैं।
Deus excute dentes eorum ex ore eorum molares leonum confringe Domine
बुरे लोगवैसे ही होते हैं जैसे सपेरों के गीतों को या उनके संगीतों को काला नाग नहीं सुन सकता।
dissolvantur quasi aquae quae defluent intendet arcum suum donec conterantur
हे यहोवा! वे लोग ऐसे होते हैं जैसे सिंह। इसलिए हे यहोवा, उनके दाँत तोड़।
quasi vermis tabefactus pertranseant quasi abortivum mulieris quod non vidit solem
जैसे बहता जल विलुप्त हो जाता है, वैसे ही वे लोग लुप्त हो जायें। और जैसे राह की उगी दूब कुचल जाती है, वैसे वे भी कुचल जायें।
antequam crescant spinae vestrae in ramnum quasi viventes quasi in ira tempestas rapiet eas
वे घोंघे के समान हो जो चलने में गल जाते। वे उस शिशु से हो जो मरा ही पैदा हुआ, जिसने दिन का प्रकाश कभी नहीं देखा।
laetabitur iustus cum viderit ultionem pedes suos lavabit in sanguinem impii
वे उस बाड़ के काँटों की तरह शीघ्र ही नष्ट हो, जो आग पर चढ़ी हाँड़ी गर्माने के लिए शीघ्र जल जाते हैं।
et dicet homo vere fructus est iusto vere est Deus iudicans in terra
जब सज्जन उन लोगों को दण्ड पाते देखता है जिन्होंने उसके साथ बुर किया है, वह हर्षित होता है। वह अपना पाँव उन दुष्टों के खून में धोयेगा।
victori ut non disperdas David humilem et simplicem quando misit Saul et custodierunt domum ut occiderent eum erue me de inimicis meis Deus meus et a resistentibus mihi protege me
जब ऐसा होता है, तो लोग कहने लगते है, “सज्जनों को उनका फल निश्चय मिलता है। सचमुच परमेश्वर जगत का न्यायकर्ता है!”