I Kings 18

अनावृष्टि के तीसरे वर्ष यहोवा ने एलिय्याह से कहा, “जाओ, और राजा अहाब से मिलो। मैं शीघ्र ही वर्षा भेजूँगा।”
بہت دن گزر گئے۔ پھر کال کے تیسرے سال میں رب الیاس سے ہم کلام ہوا، ”اب جا کر اپنے آپ کو اخی اب کے سامنے پیش کر۔ مَیں بارش کا سلسلہ دوبارہ شروع کر دوں گا۔“
अत: एलिय्याह अहाब के पास गया। उस समय शोमरोन में भोजन नहीं रह गया था।
چنانچہ الیاس اخی اب سے ملنے کے لئے اسرائیل چلا گیا۔ اُس وقت سامریہ کال کی سخت گرفت میں تھا،
इसलिये राजा अहाब ने ओबद्याह से अपने पास आने को कहा। ओबद्याह राज महल का अधिकारी था। (ओबद्याह यहोवा का सच्चा अनुयायी था।
اِس لئے اخی اب نے محل کے انچارج عبدیاہ کو بُلایا۔ (عبدیاہ رب کا خوف مانتا تھا۔
एक बार ईज़ेबेल यहोवा के सभी नबियों को जान से मार रही थी। इसलिये ओबद्याह ने सौ नबियों को लिया और उन्हें दो गुफाओं में छिपाया। ओबद्याह ने एक गुफा में पचास नबी और दूसरी गुफा में पचास नबी रखे। तब ओबद्याह उनके लिये पानी और भोजन लाया।)
جب ایزبل نے رب کے تمام نبیوں کو قتل کرنے کی کوشش کی تھی تو عبدیاہ نے 100 نبیوں کو دو غاروں میں چھپا دیا تھا۔ ہر غار میں 50 نبی رہتے تھے، اور عبدیاہ اُنہیں کھانے پینے کی چیزیں پہنچاتا رہتا تھا۔)
राजा अहाब ने ओबद्याह से कहा, “मेरे साथ आओ। हम लोग इस प्रदेश के हर एक सोते और नाले की खोज करेंगे। हम लोग पता लगायेंगे कि क्या हम अपने घोड़ों और खच्चरों को जीवित रखने के लिये पर्याप्त घास कहीं पा सकते हैं। तब हमें अपना कोई जानवर खोना नहीं पड़ेगा।”
اب اخی اب نے عبدیاہ کو حکم دیا، ”پورے ملک میں سے گزر کر تمام چشموں اور وادیوں کا معائنہ کریں۔ شاید کہیں کچھ گھاس مل جائے جو ہم اپنے گھوڑوں اور خچروں کو کھلا کر اُنہیں بچا سکیں۔ ایسا نہ ہو کہ ہمیں کھانے کی قلت کے باعث کچھ جانوروں کو ذبح کرنا پڑے۔“
हर एक व्यक्ति ने देश का एक भाग चुना जहाँ वे पानी की खोज कर सकें। तब दोनों व्यक्ति पूरे देश में घूमें। अहाब एक दिशा में अकेले गया। ओबद्याह दूसरी दिशा में अकेले गया।
اُنہوں نے مقرر کیا کہ اخی اب کہاں جائے گا اور عبدیاہ کہاں، پھر دونوں ایک دوسرے سے الگ ہو گئے۔
जब ओबद्याह यात्रा कर रहा था तो उस समय वह एलिय्याह को पहचान लिया। ओबद्याह एलिय्याह के सामने प्रणाम करने झुका उसने कहा, “एलिय्याह! क्या स्वामी सचमुच आप हैं”
چلتے چلتے عبدیاہ کو اچانک الیاس اُس کی طرف آتے ہوئے نظر آیا۔ جب عبدیاہ نے اُسے پہچانا تو وہ منہ کے بل جھک کر بولا، ”میرے آقا الیاس، کیا آپ ہی ہیں؟“
एलिय्याह ने उत्तर दिया, “हाँ, मैं ही हूँ। जाओ और अपने स्वामी राजा से कहो कि मैं यहाँ हूँ।”
الیاس نے جواب دیا، ”جی، مَیں ہی ہوں۔ جائیں، اپنے مالک کو اطلاع دیں کہ الیاس آ گیا ہے۔“
तब ओबद्याह ने कहा, “यदि मैं अहाब से कहूँगा कि मैं जानता हूँ कि तुम कहाँ हो, तो वह मुझे मार डालेगा! मैंने तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ा है। तुम क्यों चाहते हो कि मैं मर जाऊँ
عبدیاہ نے اعتراض کیا، ”مجھ سے کیا غلطی ہوئی ہے کہ آپ مجھے اخی اب سے مروانا چاہتے ہیں؟
यहोवा, तुम्हारे परमेश्वर की सत्ता जैसे निश्चित है, वैसे ही यह निश्चित है, कि राजा तुम्हारी खोज कर रहा है। उसने हर एक देश में तुम्हारा पता लगाने के लिये आदमी भेज रखे हैं। यदि किसी देश के राजा ने यह कहा कि तुम उसके देश में नहीं हो, तो अहाब ने उसे यह शपथ खाने को विवश किया कि तुम उसके देश में नहीं हो।
رب آپ کے خدا کی قَسم، بادشاہ نے اپنے بندوں کو ہر قوم اور ملک میں بھیج دیا ہے تاکہ آپ کو ڈھونڈ نکالیں۔ اور جہاں جواب ملا کہ الیاس یہاں نہیں ہے وہاں لوگوں کو قَسم کھانی پڑی کہ ہم الیاس کا کھوج لگانے میں ناکام رہے ہیں۔
अब तुम चाहते हो कि मैं जाऊँ और उससे कहूँ कि तुम यहाँ हो
اور اب آپ چاہتے ہیں کہ مَیں بادشاہ کے پاس جا کر اُسے بتاؤں کہ الیاس یہاں ہے؟
यदि मैं जाऊँ और रजा अहाब से कहूँ कि तुम यहाँ हो तो यहोवा तुम्हें किसी अन्य स्थान पर पहुँचा सकता है। राजा अहाब यहाँ आयेगा और वह तुम्हें नहीं पा सकेगा। तब वह मुझे मार डालेगा। मैंने यहोवा का अनुसरण तब से किया है जब मैं एक बालक था।
عین ممکن ہے کہ جب مَیں آپ کو چھوڑ کر چلا جاؤں تو رب کا روح آپ کو اُٹھا کر کسی نامعلوم جگہ لے جائے۔ اگر بادشاہ میری یہ اطلاع سن کر یہاں آئے اور آپ کو نہ پائے تو مجھے مار ڈالے گا۔ یاد رہے کہ مَیں جوانی سے لے کر آج تک رب کا خوف مانتا آیا ہوں۔
तुमने सुना है कि मैंने क्या किया था। ईजेबेल यहोवा के नबियों को मार रही थी और मैंने सौ नबियों को गुफाओं में छिपाया था। मैंने एक गुफा में पचास नबियों और दूसरी गुफा में पचास नबियों को रखा था। मैं उसके लिये अन्न—पानी लाया।
کیا میرے آقا تک یہ خبر نہیں پہنچی کہ جب ایزبل رب کے نبیوں کو قتل کر رہی تھی تو مَیں نے کیا کِیا؟ مَیں دو غاروں میں پچاس پچاس نبیوں کو چھپا کر اُنہیں کھانے پینے کی چیزیں پہنچاتا رہا۔
अब तुम चाहते हो कि मैं जाऊँ और राजा से कहूँ कि तुम यहाँ हो। रजा मुझे मार डालेगा।”
اور اب آپ چاہتے ہیں کہ مَیں اخی اب کے پاس جا کر اُسے اطلاع دوں کہ الیاس یہاں آ گیا ہے؟ وہ مجھے ضرور مار ڈالے گا۔“
एलिय्याह ने उत्तर दिया, “जितनी सर्वशक्तिमान यहोवा की सत्ता निश्चित है उतना ही निश्चित यह है कि मैं आज राजा के सामने खड़ा होऊँगा।”
الیاس نے کہا، ”رب الافواج کی حیات کی قَسم جس کی خدمت مَیں کرتا ہوں، آج مَیں اپنے آپ کو ضرور بادشاہ کو پیش کروں گا۔“
इसलिये ओबद्याह राजा अहाब के पास गया। उसने बताया कि एलिय्याह वहाँ है। राजा अहाब एलिय्याह से मिलने गया।
تب عبدیاہ چلا گیا اور بادشاہ کو الیاس کی خبر پہنچائی۔ یہ سن کر اخی اب الیاس سے ملنے کے لئے آیا۔
जब अहाब ने एलिय्याह को देखा तो उसने पूछा, “क्या एलिय्याह तुम्ही हो तुम्हीं वह व्यक्ति हो जो इस्राएल पर विपत्ति लाते हो।”
الیاس کو دیکھتے ہی اخی اب بولا، ”اے اسرائیل کو مصیبت میں ڈالنے والے، کیا آپ واپس آ گئے ہیں؟“
एलिय्याह ने उत्तर दिया, “मैंने इस्राएल पर विपत्ति नहीं ढाई। तुमने और तुम्हारे पिता के परिवार ने यह सारी विपत्ति ढाई है। तुमने विपत्ति लानी तब आरम्भ की जब तुमने यहोवा के आदेशों का पालन करना बन्द कर दिया और असत्य देवताओं का अनुसरण आरम्भ किया।
الیاس نے اعتراض کیا، ”مَیں تو اسرائیل کے لئے مصیبت کا باعث نہیں بنا بلکہ آپ اور آپ کے باپ کا گھرانا۔ آپ رب کے احکام چھوڑ کر بعل کے بُتوں کے پیچھے لگ گئے ہیں۔
अब सारे इस्राएलियों को कर्म्मेल पर्वत पर मुझसे मिलने को कहो। उस स्थान पर बाल के चार सौ पचास नबियों को भी लाओ और असत्य देवी अशेरा के चार सौ नबियों को लाओ रानी ईज़ेबेल उन नबियों का समर्थन करती है।”
اب مَیں آپ کو چیلنج دیتا ہوں، تمام اسرائیل کو بُلا کر کرمل پہاڑ پر جمع کریں۔ ساتھ ساتھ بعل دیوتا کے 450 نبیوں کو اور ایزبل کی میز پر شریک ہونے والے یسیرت دیوی کے 400 نبیوں کو بھی بُلائیں۔“
अत: अहाब ने सभी इस्राएलियों और उन नबियों को कर्म्मेल पर्वत पर बुलाया।
اخی اب مان گیا۔ اُس نے تمام اسرائیلیوں اور نبیوں کو بُلایا۔ جب وہ کرمل پہاڑ پر جمع ہو گئے
एलिय्याह सभी लोगों के पास आया। उसने कहा, “आप लोग कब निर्णय करेंगे कि आपको किसका अनुसरण करना है यदि यहोवा सच्चा परमेश्वर है तो आप लोगों को उसका अनुयायी होना चाहिये। किन्तु यदि बाल सत्य परमेश्वर है तो तुम्हें उसका अनुयायी होना चाहिये।” लोगों ने कुछ भी नहीं कहा।
تو الیاس اُن کے سامنے جا کھڑا ہوا اور کہا، ”آپ کب تک کبھی اِس طرف، کبھی اُس طرف لنگڑاتے رہیں گے ؟ اگر رب خدا ہے تو صرف اُسی کی پیروی کریں، لیکن اگر بعل واحد خدا ہے تو اُسی کے پیچھے لگ جائیں۔“ لوگ خاموش رہے۔
अत: एलिय्याह ने कहा, “मैं यहाँ यहोवा का एकमात्र नबी हूँ। मैं अकेला हूँ। किन्तु यहाँ बाल के चार सौ पचास नबी हैं।
الیاس نے بات جاری رکھی، ”رب کے نبیوں میں سے صرف مَیں ہی باقی رہ گیا ہوں۔ دوسری طرف بعل دیوتا کے یہ 450 نبی کھڑے ہیں۔
इसलिये दो बैल लाओ। बाल के नबी को एक बैल लेने दो। उन्हें उसे मारने दो और उसके टुकड़े करने दो और तब उन्हें, माँस को लकड़ी पर रखने दो। किन्तु वे आग लगाना आरम्भ न करें। तब मैं वही काम दूसरे बैल को लेकर करूँगा और मैं आग लगाना आरम्भ नहीं करूँगा।
اب دو بَیل لے آئیں۔ بعل کے نبی ایک کو پسند کریں اور پھر اُسے ٹکڑے ٹکڑے کر کے اپنی قربان گاہ کی لکڑیوں پر رکھ دیں۔ لیکن وہ لکڑیوں کو آگ نہ لگائیں۔ مَیں دوسرے بَیل کو تیار کر کے اپنی قربان گاہ کی لکڑیوں پر رکھ دوں گا۔ لیکن مَیں بھی اُنہیں آگ نہیں لگاؤں گا۔
बाल के नबी! बाल से प्रार्थना करेंगे और मैं यहोवा से प्रार्थना करुँगा। जो ईश्वर प्रार्थना को स्वीकार करे और अपनी लकड़ी को जलाना आरम्भ कर दे, वही सच्चा परमेश्वर है।” सभी लोगों ने स्वीकार किया कि यह उचित विचार है।
پھر آپ اپنے دیوتا کا نام پکاریں جبکہ مَیں رب کا نام پکاروں گا۔ جو معبود قربانی کو جلا کر جواب دے گا وہی خدا ہے۔“ تمام لوگ بولے، ”آپ ٹھیک کہتے ہیں۔“
तब एलिय्याह ने बाल के नबियों से कहा, “तुम बड़ी संख्या में हो। अत: तुम लोग पहल करो। एक बैल को चुनो और उसे तैयार करो। किन्तु आग लगाना आरम्भ न करो।”
پھر الیاس نے بعل کے نبیوں سے کہا، ”شروع کریں، کیونکہ آپ بہت ہیں۔ ایک بَیل کو چن کر اُسے تیار کریں۔ لیکن اُسے آگ مت لگانا بلکہ اپنے دیوتا کا نام پکاریں تاکہ وہ آگ بھیج دے۔“
अत: नबियों ने उस बैल को लिया जो उन्हें दिया गया। उन्होंने उसे तैयार किया। उन्होंने दोपहर तक बाल से प्रार्थना की। उन्होंने प्रार्थना की, “बाल, कृपया हमें उत्तर दे!” किन्तु कोई आवाज नहीं आई। किसी ने कोई उत्तर नहीं दिया। नबी उस वेदी के चारों ओर नाचते रहे जिसे उन्होंने बनाया था। किन्तु आग फिर भी नहीं लगी।
اُنہوں نے بَیلوں میں سے ایک کو چن کر اُسے تیار کیا، پھر بعل کا نام پکارنے لگے۔ صبح سے لے کر دوپہر تک وہ مسلسل چیختے چلّاتے رہے، ”اے بعل، ہماری سن!“ ساتھ ساتھ وہ اُس قربان گاہ کے ارد گرد ناچتے رہے جو اُنہوں نے بنائی تھی۔ لیکن نہ کوئی آواز سنائی دی، نہ کسی نے جواب دیا۔
दोपहर को एलिय्याह ने उनका मजाक उड़ाना आरम्भ किया। एलिय्याह ने कहा, “यदि बाल सचमुच देवता है तो कदाचित् तुम्हें और अधिक जोर से प्रार्थना करनी चाहिये कदाचित् वह सोच रहा हो या कदाचित् वह बहुत व्यस्त हो, या कदाचित वह किसी यात्रा पर निकल गया हो। वह सोता रह सकता है। कदाचित् तुम लोग और अधिक जोर से प्रार्थना करो और जगाओ!”
دوپہر کے وقت الیاس اُن کا مذاق اُڑانے لگا، ”زیادہ اونچی آواز سے بولیں! شاید وہ سوچوں میں غرق ہو یا اپنی حاجت رفع کرنے کے لئے ایک طرف گیا ہو۔ یہ بھی ہو سکتا ہے کہ وہ کہیں سفر کر رہا ہو۔ یا شاید وہ گہری نیند سو گیا ہو اور اُسے جگانے کی ضرورت ہے۔“
उन्होंने और जोर से प्रार्थना की। उन्होंने अपने को तलवार और भालों से काटा छेदा। (यह उनकी पूजा—पद्धति थी।) उन्होंने अपने को इतना काटा कि उनके ऊपर खून बहने लगा।
تب وہ مزید اونچی آواز سے چیخنے چلّانے لگے۔ معمول کے مطابق وہ چھریوں اور نیزوں سے اپنے آپ کو زخمی کرنے لگے، یہاں تک کہ خون بہنے لگا۔
तीसरा पहर बीता किन्तु तब तक आग नहीं लगी। नबी उन्मत्त रहे जब तक सन्ध्या की बलि—भेंट का समय नहीं आ पहुँचा। किन्तु तब तक भी बाल ने कोई उत्तर नही दिया। कोई अवाज नहीं आई। कोई नहीं सुन रहा था!
دوپہر گزر گئی، اور وہ شام کے اُس وقت تک وجد میں رہے جب غلہ کی نذر پیش کی جاتی ہے۔ لیکن کوئی آواز نہ سنائی دی۔ نہ کسی نے جواب دیا، نہ اُن کے تماشے پر توجہ دی۔
तब एलिय्याह ने सभी लोगों से कहा, “अब मेरे पास आओ।” अत: सभी लोग एलिय्याह के चारों ओर इकट्ठे हो गए। यहोवा की वेदी उखाड़ दी गई थी। अत: एलिय्याह ने इसे जमाया।
پھر الیاس اسرائیلیوں سے مخاطب ہوا، ”آئیں، سب یہاں میرے پاس آئیں!“ سب قریب آئے۔ وہاں رب کی ایک قربان گاہ تھی جو گرائی گئی تھی۔ اب الیاس نے وہ دوبارہ کھڑی کی۔
एलिय्याह ने बारह पत्थर प्राप्त किए। हर एक बारह परिवार समूहों के लिये एक पत्थर था। इन बारह परिवारों के नाम याकूब के बारह पुत्रों के नाम पर थे। याकूब वह व्यक्ति था जिसे यहोवा ने इस्राएल नाम दिया था।
اُس نے یعقوب سے نکلے ہر قبیلے کے لئے ایک ایک پتھر چن لیا۔ (بعد میں رب نے یعقوب کا نام اسرائیل رکھا تھا)۔
एलिय्याह ने उन पत्थरों का उपयोग यहोवा को सम्मान देने के लिये वेदी के निर्माण में किया। एलिय्याह ने वेदी के चारों ओर एक छोटी खाई खोदी। यह इतनी चौड़ी और इतनी गहरी थी कि इसमें लगभग सात गैलन पानी आ सके।
اِن بارہ پتھروں کو لے کر الیاس نے رب کے نام کی تعظیم میں قربان گاہ بنائی۔ اِس کے ارد گرد اُس نے اِتنا چوڑا گڑھا کھودا کہ اُس میں تقریباً 15 لٹر پانی سما سکتا تھا۔
तब एलिय्याह ने वेदी पर लकड़ियाँ रखीं। उसने बैल को टुकड़ों में काटा। उसने टुकड़ों को लकड़ियों पर रखा।
پھر اُس نے قربان گاہ پر لکڑیوں کا ڈھیر لگایا اور بَیل کو ٹکڑے ٹکڑے کر کے لکڑیوں پر رکھ دیا۔ اِس کے بعد اُس نے حکم دیا، ”چار گھڑے پانی سے بھر کر قربانی اور لکڑیوں پر اُنڈیل دیں!“
तब एलिय्याह ने कहा, “चार घड़ों को पानी से भरो। पानी को माँस के टुकड़ों और लकड़ियों पर डालो।” तब एलिय्याह ने कहा, “यही फिर करो।” तब उसने कहा, “इसे तीसरी बार करो।”
جب اُنہوں نے ایسا کیا تو اُس نے دوبارہ ایسا کرنے کا حکم دیا، پھر تیسری بار۔
पानी वेदी से बाहर बहा और उससे खाई भर गई।
آخرکار اِتنا پانی تھا کہ اُس نے چاروں طرف قربان گاہ سے ٹپک کر گڑھے کو بھر دیا۔
यह तीसरे पहर की बलि—भेंट का समय था। अत: एलिय्याह नबी वेदी के पास गया और प्रार्थना की “हे यहोवा इब्राहीम, इसहाक और याकूब के परमेश्वर! मैं तुझसे याचना करता हूँ कि तू प्रमाणित कर कि तू इस्राएल का परमेश्वर है और प्रमाणित कर कि मैं तेरा सेवक हूँ। इन लोगों के सामने यह प्रकट कर कि तूने यह सब करने का मुझे आदेश दिया है।
شام کے وقت جب غلہ کی نذر پیش کی جاتی ہے الیاس نے قربان گاہ کے پاس جا کر بلند آواز سے دعا کی، ”اے رب، اے ابراہیم، اسحاق اور اسرائیل کے خدا، آج لوگوں پر ظاہر کر کہ اسرائیل میں تُو ہی خدا ہے اور کہ مَیں تیرا خادم ہوں۔ ثابت کر کہ مَیں نے یہ سب کچھ تیرے حکم کے مطابق کیا ہے۔
योहवा मेरी प्रार्थना का उत्तर दे। इन लोगों के सामने यह प्रकट कर कि हे यहोवा तू वास्तव में परमेश्वर है। तब लोग समझेंगे कि तू उन्हें अपने पास ला रहा है।”
اے رب، میری دعا سن! میری سن تاکہ یہ لوگ جان لیں کہ تُو، اے رب، خدا ہے اور کہ تُو ہی اُن کے دلوں کو دوبارہ اپنی طرف مائل کر رہا ہے۔“
अत: यहोवा ने नीचे आग भेजी। आग ने बलि, लकड़ी, पत्थरों और वेदी के चारों ओर की भूमि को जला दिया। आग ने खाई का सारा पानी भी सूखा दिया।
اچانک آسمان سے رب کی آگ نازل ہوئی۔ آگ نے نہ صرف قربانی اور لکڑی کو بھسم کر دیا بلکہ قربان گاہ کے پتھروں اور اُس کے نیچے کی مٹی کو بھی۔ گڑھے میں پانی بھی ایک دم سوکھ گیا۔
सभी लोगों ने यह होते देखा। लोग भूमि पर प्रणाम कहने झुके और करने लगे, “यहोवा परमेश्वर है! यहोवा परमेश्वर है!”
یہ دیکھ کر اسرائیلی اوندھے منہ گر کر پکارنے لگے، ”رب ہی خدا ہے! رب ہی خدا ہے!“
तब एलिय्याह ने कहा, “बाल के नबियों को पकड़ लो! उनमें से किसी को बच निकलने न दो!” अत: लोगों ने सभी नबियों को पकड़ा। तब एलिय्याह उन सभी को किशोन नाले तक ले गया। उस स्थान पर उसने सभी नबियों को मार डाला।
پھر الیاس نے اُنہیں حکم دیا، ”بعل کے نبیوں کو پکڑ لیں۔ ایک بھی بچنے نہ پائے!“ لوگوں نے اُنہیں پکڑ لیا تو الیاس اُنہیں نیچے وادیِ قیسون میں لے گیا اور وہاں سب کو موت کے گھاٹ اُتار دیا۔
तब एलिय्याह ने राजा अहाब से कहा, “अब जाओ, खाओ, और पिओ। एक घनघोर वर्षा आ रही है।”
پھر الیاس نے اخی اب سے کہا، ”اب جا کر کچھ کھائیں اور پئیں، کیونکہ موسلادھار بارش کا شور سنائی دے رہا ہے۔“
अत: राजा अहाब भोजन करने गया। उसी समय एलिय्याह कर्म्मेल पर्वत की चोटी पर चढ़ा। पर्वत की चोटी पर एलिय्याह प्रणाम करने झुका। उसने अपने सिर को अपने घुटनों के बीच में रखा।
چنانچہ اخی اب کھانے پینے کے لئے چلا گیا جبکہ الیاس کرمل پہاڑ کی چوٹی پر چڑھ گیا۔ وہاں اُس نے جھک کر اپنے سر کو دونوں گھٹنوں کے بیچ میں چھپا لیا۔
तब एलिय्याह ने अपने सेवक से कहा, “समुद्र की ओर देखो।” सेवक उस स्थान तक गया जहाँ से वह समुद्र को देख सके। तब सेवक लौट कर आया और उसने कहा, “मैं ने कुछ नहीं देखा।” एलिय्याह ने उसे पुन: जाने और देखने को कहा। यह सात बार हुआ।
اپنے نوکر کو اُس نے حکم دیا، ”جاؤ، سمندر کی طرف دیکھو۔“ نوکر گیا اور سمندر کی طرف دیکھا، پھر واپس آ کر الیاس کو اطلاع دی، ”کچھ بھی نظر نہیں آتا۔“ لیکن الیاس نے اُسے دوبارہ دیکھنے کے لئے بھیج دیا۔ اِس دفعہ بھی کچھ معلوم نہ ہو سکا۔ سات بار الیاس نے نوکر کو دیکھنے کے لئے بھیجا۔
सातवीं बार सेवक लौट कर आया और उसने कहा, “मैंने एक छोटा बादल मनुष्य की मुट्ठी के बराबर देखा है। बादल समुद्र से आ रहा था।” एलिय्याह ने सेवक से कहा, “राजा अहाब के पास जाओ और उससे कहो कि वह अपना रथ तैयार कर ले और अब घर वापस जाये। यदि वह अभी नहीं जायेगा तो वर्षा उसे रोक लेगी।”
آخرکار جب نوکر ساتویں دفعہ گیا تو اُس نے واپس آ کر اطلاع دی، ”ایک چھوٹا سا بادل سمندر میں سے نکل کر اوپر چڑھ رہا ہے۔ وہ آدمی کے ہاتھ کے برابر ہے۔“ تب الیاس نے حکم دیا، ”جاؤ، اخی اب کو اطلاع دو، ’گھوڑوں کو فوراً رتھ میں جوت کر گھر چلے جائیں، ورنہ بارش آپ کو روک لے گی‘۔“
थोड़े समय के बाद आकाश काले मेघों से ढक गया। तेज हवायें चलने लगीं और घनघोर वर्षा होने लगी। अहाब अपने रथ में बैठा और यिज्रेल को वापस यात्रा करनी आरम्भ की।
نوکر اطلاع دینے چلا گیا تو جلد ہی آندھی آئی، آسمان پر کالے کالے بادل چھا گئے اور موسلادھار بارش برسنے لگی۔ اخی اب جلدی سے رتھ پر سوار ہو کر یزرعیل کے لئے روانہ ہو گیا۔
एलिय्याह के अन्दर यहोवा की शक्ति आई। एलिय्याह ने अपने वस्त्रों को अपनी चारों ओर कसा, जिससे वह दौड़ सके। तब एलिय्याह यिज्रेल तक के पूरे मार्ग पर राजा अहाब से आगे दौड़ता रहा।
اُس وقت رب نے الیاس کو خاص طاقت دی۔ سفر کے لئے کمربستہ ہو کر وہ اخی اب کے رتھ کے آگے آگے دوڑ کر اُس سے پہلے یزرعیل پہنچ گیا۔