Deuteronomy 33

haec est benedictio qua benedixit Moses homo Dei filiis Israhel ante mortem suam
मरने के पहले परमेश्वर के व्यक्ति मूसा ने इस्राएल के लोगों को यह आशीर्वाद दिया।
et ait Dominus de Sina venit et de Seir ortus est nobis apparuit de monte Pharan et cum eo sanctorum milia in dextera eius ignea lex
मूसा ने कहा: “यहोवा सीनै से आया, यहोवा सेईर पर प्रातःकालीन प्रकाश सा था। वह पारान पर्वत से ज्योतित प्रकाश—सम था। यहोवा दस सहस्त्र पवित्र लोगों (स्वर्गदूतों) के साथ आया। उसकी दांयी ओर बलिष्ठ सैनिक थे।
dilexit populos omnes sancti in manu illius sunt et qui adpropinquant pedibus eius accipient de doctrina illius
हाँ, यहोवा प्रेम करता है लोगों से सभी पवित्र जन उसके हाथों में हैं और चलते हैं वह उसके पदचिन्हों पर हर एक व्यक्ति स्वीकारता उपदेश उसका!
legem praecepit nobis Moses hereditatem multitudinis Iacob
मूसा ने दिये नियम हमें वे—जो हैं याकूब के सभी लोगों के।
erit apud rectissimum rex congregatis principibus populi cum tribubus Israhel
यशूरुन ने राजा पाया, जब लोग और प्रमुख इकट्ठे थे। यहोवा ही उसका राजा था!
vivat Ruben et non moriatur et sit parvus in numero
“रूबेन जीवित रहे, न मरे वह। उसके परिवार समूह में जन अनेक हों!”
haec est Iudae benedictio audi Domine vocem Iudae et ad populum suum introduc eum manus eius pugnabunt pro eo et adiutor illius contra adversarios eius erit
मूसा ने यहूदा के परिवार समूह के लिए ये बातें कहीं “यहोवा, सुने यहूदा के प्रमुख कि जब वह मांगे सहायता लाए उसे अपने जनों में शक्तिशाली बनाए उसे, करे सहायता उसकी शत्रु को हराने मे!”
Levi quoque ait perfectio tua et doctrina tua viro sancto tuo quem probasti in Temptatione et iudicasti ad aquas Contradictionis
मूसा ने लेवी के बारे में कहाः “तेरा अनुयायी सच्चा लेवी धारण करता ऊरीम—तुम्मीम, मस्सा पर तूने लेवी की परीक्षा की, तेरा विशेष व्यक्ति रखता उन्हें। लड़ा तू था उसके लिये मरीबा के जलाशयों पर।
qui dixit patri suo et matri suae nescio vos et fratribus suis ignoro illos et nescierunt filios suos hii custodierunt eloquium tuum et pactum tuum servaverunt
लेवी ने बताया निज, माता—पिता के विषय में: मैं न करता उनकी परवाह, स्वीकार न किया उसने अपने भाई को, या जाना ही अपने बच्चों को; लेवीवंशियों ने पाला आदेश तेरा, और निभायी वाचा तुझसे जो।
iudicia tua o Iacob et legem tuam o Israhel ponent thymiama in furore tuo et holocaustum super altare tuum
वे सिखायेंगे याकूब को नियम तेरे। और इस्राएल को व्यवस्था जो तेरे। वे रखेंगे सुगन्धि सम्मुख तेरे सारी होमबलि वेदी के ऊपर,
benedic Domine fortitudini eius et opera manuum illius suscipe percute dorsa inimicorum eius et qui oderunt eum non consurgant
“यहोवा, लेवीवंशियों का जो कुछ हो, आशीर्वाद दे उसे, जो कुछ करे वह स्वीकार करे उसको। नष्ट करे उसको जो आक्रमण करे उन पर।”
et Beniamin ait amantissimus Domini habitabit confidenter in eo quasi in thalamo tota die morabitur et inter umeros illius requiescet
बिन्यामीन के विषय में मूसा ने कहाः “यहोवा का प्यारा उसके साथ सुरक्षित होगा। यहोवा अपने प्रिय की रक्षा करता सारे दिन, और बिन्यामीन की भूमि पर यहोवा रहता।”
Ioseph quoque ait de benedictione Domini terra eius de pomis caeli et rore atque abysso subiacente
मूसा ने यूसुफ के बारे में कहा: “यहोवा दे आशीर्वाद उसके देश को स्वर्ग की उत्तम वस्तुऐं जहाँ हों; वह सम्पत्ति वहाँ हो जो धरती कर रही प्रतीक्षा।
de pomis fructuum solis ac lunae
सूरज का दिया उत्तम फल उसका हो महीनों की उत्तम फ़सने उसकी हों।
de vertice antiquorum montium de pomis collium aeternorum
प्राचीन पर्वतों की उतलेंम उपज उसकी हो— शाश्वत पहाड़ियों की उत्तम चीज़ें भी।
et de frugibus terrae et plenitudine eius benedictio illius qui apparuit in rubo veniat super caput Ioseph et super verticem nazarei inter fratres suos
आशीर्वाद सहित धरती की उत्तम भेंटें उसकी हों। जलती झाड़ी का यहोवा उसका पक्षधर हो यूसुफ के सिर पर वरदानों की वर्षा हो यूसुफ के सिर के ऊपर भी जो सर्वाधिक महत्वपूर्ण उसके भ्राताओं में।
quasi primogeniti tauri pulchritudo eius cornua rinocerotis cornua illius in ipsis ventilabit gentes usque ad terminos terrae hae sunt multitudines Ephraim et haec milia Manasse
यूसुफ के झुण्ड का प्रथम साँड गौरव पाएगा। इसकी सींगें सांड सी लम्बी होंगी। यूसुफ का झुण्ड भगाएगा लोगों को। पृथ्वी की अन्तिम छोर जहाँ तक जाती है। हाँ, वे हैं दस सहस्त्र एप्रैम से हाँ, वे हैं एक सहस्त्र मनश्शे से।”
et Zabulon ait laetare Zabulon in exitu tuo et Isachar in tabernaculis tuis
जबूलून के बारे में मूसा ने कहाः “जबूलून, खुश होओ, जाओ जब बाहर, और इस्साकार रहे तुम्हारे डेरों में।
populos ad montem vocabunt ibi immolabunt victimas iustitiae qui inundationem maris quasi lac sugent et thesauros absconditos harenarum
वे लोगों का आहवान करेंगे अपने गिरि पर, वहाँ करेंगे भेंट सभी सच्ची बलि क्यों? क्योंकि वे लोग सागर से निकालते हैं धन और पाएंगे बालू में छिपा हुआ जो धन है।”
et Gad ait benedictus in latitudine Gad quasi leo requievit cepitque brachium et verticem
मूसा ने गाद के बारे में कहा: “स्तुति करो परमेश्वर की जो बढ़ाता है गाद को! गाद लेटा करता सिंह सदृश, वह उखाड़ता भुजा, भंग करता खोपड़ियाँ।
et vidit principatum suum quod in parte sua doctor esset repositus qui fuit cum principibus populi et fecit iustitias Domini et iudicium suum cum Israhel
अपने लिए चुनता है वह सबसे प्रमुख हिस्सा और आता वह लोगों के प्रमुखों के संग करता वह इस्राएल के संग जो यहोवा की इच्छा होती है और यहोवा के लिए न्याय करता है।”
Dan quoque ait Dan catulus leonis fluet largiter de Basan
दान के बारे में मूसा ने कहा: “दान सिंह का बच्चा है जो बाशान में उछला करता।”
et Nepthalim dixit Nepthalim abundantia perfruetur et plenus erit benedictione Domini mare et meridiem possidebit
नप्ताली के बारे में मूसा ने कहाः “नप्ताली, तुम लोगे बहुत सी अच्छी चीज़ों को, यहोवा का आशीर्वाद तुम्हें पूरा है, ले लो पश्चिम और दक्षिण प्रदेश।”
Aser quoque ait benedictus in filiis Aser sit placens fratribus suis tinguat in oleo pedem suum
मूसा ने आशेर के बारे में कहाः “आशेर को पुत्रों में सर्वाधिक है आशीर्वाद, उसे निज भ्राताओं में प्रिय होने दो और उसे अपने चरण तेल से धोने दो।
ferrum et aes calciamentum eius sicut dies iuventutis tuae ita et senectus tua
तुम्हारी अर्गलाएँ लोहे—काँसे होंगे शक्ति तुम्हारी आजीवन रहेगी बनी।”
non est alius ut Deus rectissimi ascensor caeli auxiliator tuus magnificentia eius discurrunt nubes
“यशूरुन, परमेश्वर सम नहीं दूसरा कोई परमेश्वर अपने गौरव मे चलता है चढ़ बादल पर, आसमान से होकर आता करने मदद तुम्हें।
habitaculum eius sursum et subter brachia sempiterna eiciet a facie tua inimicum dicetque conterere
शाश्वत परमेश्वर तुम्हारी शरण सुरक्षित है। और तुम्हारे नीचे शाश्वत भुजाऐं हैं परमेश्वर जो बल से दूर हटाता शत्रु तुम्हारे, कहता है वह ‘नष्ट करो शत्रु को!’
habitabit Israhel confidenter et solus oculus Iacob in terra frumenti et vini caelique caligabunt rore
ऐसे इस्राएल रक्षित रहता है जो केवल याकूब का जलस्रोत धरती में सुरिक्षत है। अन्न और दाखमधु की सुभूमि में हाँ उसका स्वर्ग वहाँ हिम—बिन्दु भेजता।
beatus tu Israhel quis similis tui popule qui salvaris in Domino scutum auxilii tui et gladius gloriae tuae negabunt te inimici tui et tu eorum colla calcabis
इस्राएलियो, तुम आशीषित हो यहोवा रक्षित राष्ट्र तुम, न कोई तुम सम अन्य राष्ट्र। यहोवा है तलवार विजय तुम्हारी करने वाली। तेरे शत्रु सभी तुझसे डरेगें, और तुम रौंद दोगे उनके झूठे देवों की जगहों को।”