हर प्रकार के फलदार वृक्ष नदी के दोनों ओर उगते हैं। इनके पत्ते कभी सूखते और मरते नहीं। इन वृक्षों पर फल लगना कभी रूकता नहीं। वृक्ष हर महीने फल पैदा करते हैं। क्यों क्योंकि पेड़ों के लिये पानी मन्दिर से आता है। पेड़ों का फल भोजन बनेगा, और उनकी पत्तियाँ औषधियाँ होंगी।”
Y junto al arroyo, en su ribera de una parte y de otra, crecerá todo árbol de comer: su hoja nunca caerá, ni faltará su fruto: á sus meses madurará, porque sus aguas salen del santuario: y su fruto será para comer, y su hoja para medicina.