प्रिय मित्रो, यद्यपि मैं बहुत चाहता था कि तुम्हें उस उद्धार के विषय में लिखूँ, जिसके हम भागीदार हैं। मैंने तुम्हें लिखने की और तुम्हें प्रोत्साहित करने की आवश्यकता अनुभव की ताकि तुम उस विश्वास के लिए संघर्ष करते रहो जिसे परमेश्वर ने संत जनों को सदा-सदा के लिए दे दिया है।
أَيُّهَا الأَحِبَّاءُ، إِذْ كُنْتُ أَصْنَعُ كُلَّ الْجَهْدِ لأَكْتُبَ إِلَيْكُمْ عَنِ الْخَلاَصِ الْمُشْتَرَكِ، اضْطُرِرْتُ أَنْ أَكْتُبَ إِلَيْكُمْ وَاعِظًا أَنْ تَجْتَهِدُوا لأَجْلِ الإِيمَانِ الْمُسَلَّمِ مَرَّةً لِلْقِدِّيسِينَ.