Isaiah 12

et dices in illa die confitebor tibi Domine quoniam iratus es mihi conversus est furor tuus et consolatus es me
उस समय तुम कहोगे: “हे यहोवा, मैं तेरे गुण गाता हूँ! तू मुझ से कुपित रहा है किन्तु अब मुझ पर क्रोध मत कर! तू मुझ पर अपना प्रेम दिखा।”
ecce Deus salvator meus fiducialiter agam et non timebo quia fortitudo mea et laus mea Dominus Deus et factus est mihi in salutem
परमेश्वर मेरी रक्षा करता है। मुझे उसका भरोसा है। मुझे कोई भय नहीं है। वह मेरी रक्षा करता है। यहोवा याह मेरी शक्ति है। वह मुझको बचाता है, और मैं उसका स्तुति गीत गाता हूँ।
haurietis aquas in gaudio de fontibus salvatoris
तू अपना जल मुक्ति के झरने से ग्रहण कर। तभी तू प्रसन्न होगा।
et dicetis in illa die confitemini Domino et invocate nomen eius notas facite in populis adinventiones eius mementote quoniam excelsum est nomen eius
फिर तू कहेगा, “यहोवा की स्तुति करो! उसके नाम की तुम उपासना किया करो! उसने जो कार्य किये हैं उसका लोगों से बखान करो। तुम उनको बताओ कि वह कितना महान है!”
cantate Domino quoniam magnifice fecit adnuntiate hoc in universa terra
तुम यहोवा के स्तुति गीत गाओ! क्यों क्योंकि उसने महान कार्य किये हैं! इस शुभ समाचार को जो परमेशवर का है, सारी दुनियाँ में फैलाओ ताकि सभी लोग ये बातें जान जायें।
exulta et lauda habitatio Sion quia magnus in medio tui Sanctus Israhel
हे सिय्योन के लोगों, इन सब बातों का तुम उद्घोष करो! वह इस्राएल का पवित्र (शक्तिशाली) ढंग से तुम्हारे साथ है। इसलिए तुम प्रसन्न हो जाओ!