Psalms 101

quia bonus Dominus in sempiternum misericordia eius et usque ad generationem et generationem fides eius
मैं प्रेम और खरेपन के गीत गाऊँगा। यहोवा मैं तेरे लिये गाऊँगा।
David canticum misericordiam et iudicium cantabo tibi Domine psallam
मैं पूरी सावधानी से शुद्ध जीवन जीऊँगा। मैं अपने घर में शुद्ध जीवन जीऊँगा। हे यहोवा तू मेरे पास कब आयेगा
erudiar in via perfecta quando venies ad me ambulabo in simplicitate cordis mei in medio domus meae
मैं कोई भी प्रतिमा सामने नहीं रखूँगा। जो लोग इस प्रकार तेरे विमुख होते हैं, मुझो उनसे घृणा है। मैं कभी भी ऐसा नहीं करूँगा।
non ponam coram oculis meis verbum Belial facientem declinationes odivi nec adhesit mihi
मैं सच्चा रहूँगा। मैं बुरे काम नहीं करूँगा।
cor pravum recedet a me malum nesciam
यदि कोई व्यक्ति छिपे छिपे अपने पड़ोसी के लिये दुर्वचन कहे, मैं उस व्यक्ति को ऐसा करने से रोकूँगा। मैं लोगों को अभिमानी बनने नहीं दूँगा और मैं उन्हें सोचने नहीं दूँगा, कि वे दूसरे लोगों से उत्तम हैं।
loquentem in abscondito contra proximum suum hunc interficiam superbum oculis et altum corde cum hoc esse non potero
मैं सारे ही देश में उन लोगों पर दृष्टि रखूँगा। जिन पर भरोसा किया जा सकता और मैं केवल उन्हीं लोगों को अपने लिये काम करने दूँगा। बस केवल ऐसे लोग मेरे सेवक हो सकते जो शुद्ध जीवन जीते हैं।
oculi mei ad fideles terrae ut habitent mecum ambulans in via simpliciter hic ministrabit mihi
मैं अपने घर में ऐसे लोगों को रहने नहीं दूँगा जो झूठ बोलते हैं। मैं झूठों को अपने पास भी फटकने नहीं दूँगा।
non habitabit in medio domus meae faciens dolum loquens mendacium non placebit in conspectu oculorum meorum
मैं उन दुष्टों को सदा ही नष्ट करूँगा, जो इस देश में रहते है। मै उन दुष्ट लोगों को विवश करूँगा, कि वे यहोवा के नगर को छोड़े।