Cu ce mai rămîne însă, face un dumnezeu, idolul lui. Îngenunche înaintea lui, i se închină, îl cheamă, şi strigă: ,,Mîntuieşte-mă, căci tu eşti dumnezeul meu!``
किन्तु थोड़ी बहुत लकड़ी बच जाती है। सो उस लकड़ी से व्यक्ति एक मूर्ति बना लेता है और उसे अपना देवता कहने लगता है। वह उस देवता के आगे माथा नवाता है और उसकी पूजा करता है। वह उस देवता से प्रार्थना करते हुए कहता है, “तू मेरा देवता है, मेरी रक्षा कर!”