Revelation of John 13

फिर मैंने सागर में से एक पशु को बाहर आते देखा। उसके दस सींग थे और सात सिर थे। तथा अपने सीगों पर उसने दस राजसी मुकुट पहने हुए थे। उसके सिरों पर दुष्ट नाम अंकित थे।
<12-17> et stetit super harenam maris <13-1> et vidi de mare bestiam ascendentem habentem capita septem et cornua decem et super cornua eius decem diademata et super capita eius nomina blasphemiae
मैंने जो पशु देखा था, वह चीते जैसा था। उसके पैर भालू के पैर जैसे थे और उसका मुख सिंह के मुख के समान था। उस विशालकाय अजगर ने अपनी शक्ति, अपना सिंहासन और अपना प्रचुर अधिकार उसे सौंप दिया।
et bestiam quam vidi similis erat pardo et pedes eius sicut ursi et os eius sicut os leonis et dedit illi draco virtutem suam et potestatem magnam
मैंने देखा कि उसका एक सिर ऐसा दिखाई दे रहा था जैसे उस पर कोई घातक घाव लगा हो किन्तु उसका वह घातक घाव भर चुका था। समूचा संसार आश्चर्य चकित होकर उस पशु के पीछे हो लिया।
et unum de capitibus suis quasi occisum in mortem et plaga mortis eius curata est et admirata est universa terra post bestiam
तथा वे उस विशालकाय अजगर को पूजने लगे। क्योंकि उसने अपना समूचा अधिकार उस पशु को दे दिया था। वे उस पशु की भी उपासना करते हुए कहने लगे, “इस पशु के समान कौन है? और ऐसा कौन है जो उससे लड़ सके?”
et adoraverunt draconem quia dedit potestatem bestiae et adoraverunt bestiam dicentes quis similis bestiae et quis poterit pugnare cum ea
उसे अनुमति दे दी गई कि वह अहंकार पूर्ण तथा निन्दा से भरे शब्द बोलने में अपने मुख का प्रयोग करे। उसे बयालीस महीने तक अपनी शक्ति के प्रयोग का अधिकार दिया गया।
et datum est ei os loquens magna et blasphemiae et data est illi potestas facere menses quadraginta duo
सो उसने परमेश्वर की निन्दा करना आरम्भ कर दिया। वह परमेश्वर के नाम और उसके मन्दिर तथा जो स्वर्ग में रहते हैं, उनकी निन्दा करने लगा।
et aperuit os suum in blasphemias ad Deum blasphemare nomen eius et tabernaculum eius et eos qui in caelo habitant
परमेश्वर के संत जनों के साथ युद्ध करने और उन्हें हराने की अनुमति उसे दे दी गई। तथा हर वंश, हर जाति, हर परिवार-समूह, हर भाषा और हर देश पर उसे अधिकार दिया गया।
et datum est illi bellum facere cum sanctis et vincere illos et data est ei potestas in omnem tribum et populum et linguam et gentem
धरती के वे सभी निवासी उस पशु की उपासना करेंगे जिनके नाम उस मेमने की जीवन-पुस्तक में संसार के आरम्भ से ही नहीं लिखे जिसका बलिदान किया जाना सुनिश्चित है।
et adorabunt eum omnes qui inhabitant terram quorum non sunt scripta nomina in libro vitae agni qui occisus est ab origine mundi
यदि किसी के कान हैं तो वह सुने:
si quis habet aurem audiat
बंदीगृह में बंदी होना, जिसकी नियति बनी है वह निश्चय ही बंदी होगा। यदि कोई असि से मारेगा तो वह भी उस ही असि से मारा जाएगा। इसी में तो परमेश्वर के संत जनों से धैर्यपूर्ण सहनशीलता और विश्वास की अपेक्षा है।
qui in captivitatem in captivitatem vadit qui in gladio occiderit oportet eum gladio occidi hic est patientia et fides sanctorum
इसके पश्चात् मैंने धरती से निकलते हुए एक और पशु को देखा। उसके मेमने के सींगों जैसे दो सींग थे। किन्तु वह एक महानाग के समान बोलता था।
et vidi aliam bestiam ascendentem de terra et habebat cornua duo similia agni et loquebatur sicut draco
उस विशालकाय अजगर के सामने वह पहले पशु के सभी अधिकारों का उपयोग करता था। उसने धरती और धरती पर सभी रहने वालों से उस पहले पशु की उपासना करवाई जिसका घातक घाव भर चुका था।
et potestatem prioris bestiae omnem faciebat in conspectu eius et facit terram et inhabitantes in eam adorare bestiam primam cuius curata est plaga mortis
दूसरे पशु ने बड़े-बड़े चमत्कार किए। यहाँ तक कि सभी लोगों के सामने उसने धरती पर आकाश से आग बरसवा दी।
et fecit signa magna ut etiam ignem faceret de caelo descendere in terram in conspectu hominum
वह धरती के निवासियों को छलता चला गया क्योंकि उसके पास पहले पशु की उपस्थिति में चमत्कार दिखाने की शक्ति थी। दूसरे पशु ने धरती के निवासियों से उस पहले पशु को आदर देने के लिए जिस पर तलवार का घाव लगा था और जो ठीक हो गया था, उसकी मूर्ति बनाने को कहा।
et seducit habitantes terram propter signa quae data sunt illi facere in conspectu bestiae dicens habitantibus in terra ut faciant imaginem bestiae quae habet plagam gladii et vixit
दूसरे पशु को यह शक्ति दी गई थी कि वह पहले पशु की मूर्ति में प्राण प्रतिष्ठा करे ताकि पहले पशु की वह मूर्ति न केवल बोल सके बल्कि उन सभी को मार डालने का आदेश भी दे सके जो इस मूर्ति की उपासना नहीं करते।
et datum est illi ut daret spiritum imagini bestiae ut et loquatur imago bestiae et faciat quicumque non adoraverint imaginem bestiae occidantur
दूसरे पशु ने छोटों-बड़ों, धनियों-निर्धनों, स्वतन्त्रों और दासों-सभी को विवश किया कि वे अपने-अपने दाहिने हाथों या माथों पर उस पशु के नाम या उसके नामों से सम्बन्धित संख्या की छाप लगवायें ताकि उस छाप को धारण किए बिना कोई भी ले बेच न कर सके।
et faciet omnes pusillos et magnos et divites et pauperes et liberos et servos habere caracter in dextera manu aut in frontibus suis
दूसरे पशु ने छोटों-बड़ों, धनियों-निर्धनों, स्वतन्त्रों और दासों-सभी को विवश किया कि वे अपने-अपने दाहिने हाथों या माथों पर उस पशु के नाम या उसके नामों से सम्बन्धित संख्या की छाप लगवायें ताकि उस छाप को धारण किए बिना कोई भी ले बेच न कर सके।
et ne quis possit emere aut vendere nisi qui habet caracter nomen bestiae aut numerum nominis eius
जिसमें बुद्धि हो, वह उस पशु के अंक का हिसाब लगा ले क्योंकि वह अंक किसी व्यक्ति के नाम से सम्बन्धित है। उसका अंक है छः सौ छियासठ।
hic sapientia est qui habet intellectum conputet numerum bestiae numerus enim hominis est et numerus eius est sescenti sexaginta sex