I Chronicles 25

दाऊद और सेनापतियों ने आसाप के पुत्रों को विशेष सेवा के लिये अलग किया। आसाप के पुत्र हेमान और यदूतून थे। उनका विशेष काम परमेश्वर के सन्देश की भविष्यावाणी सारंगी, वीणा, मंजीरे का उपयोग करके करना था। यहाँ उन पुरुषों की सूची है जिन्होंने इस प्रकार सेवा की।
David et les chefs de l'armée mirent à part pour le service ceux des fils d'Asaph, d'Héman et de Jeduthun qui prophétisaient en s'accompagnant de la harpe, du luth et des cymbales. Et voici le nombre de ceux qui avaient des fonctions à remplir.
आसाप के परिवार सेः जक्कूर, योसेप, नतन्याह और अशरेला थे। राजा दाऊद ने आसाप को भविष्यवाणी के लिये चुना और आसाप ने अपने पुत्रों का नेतृत्व किया।
Des fils d'Asaph: Zaccur, Joseph, Nethania et Aschareéla, fils d'Asaph, sous la direction d'Asaph qui prophétisait suivant les ordres du roi.
यदूतून परिवार सेः गदल्याह, सरी, यशायाह, शिमी, हसब्याह और मत्तित्याह। ये छः थे। यदूतून ने अपने पुत्रों का नेतृत्व किया। यदूतून ने सारंगी का उपयोग भविष्यवाणी करने और यहोवा को धन्यवाद देने और उसकी स्तुति के लिये किया।
De Jeduthun, les fils de Jeduthun: Guedalia, Tseri, Esaïe, Haschabia, Matthithia et Schimeï, six, sous la direction de leur père Jeduthun qui prophétisait avec la harpe pour louer et célébrer l'Eternel.
हेमान के पुत्र जो सेवा करते थे बुक्किय्याह, मत्तन्याह, लज्जीएल, शबूएल, और यरीमोत, हनन्याह, हनानी, एलीआता, गिद्दलती और रोममतीएजेर, योशबकाशा, मल्लोती, होतीर और महजीओत थे।
D'Héman, les fils d'Héman: Bukkija, Matthania, Uziel, Schebuel, Jerimoth, Hanania, Hanani, Eliatha, Guiddalthi, Romamthi-Ezer, Joschbekascha, Mallothi, Hothir, Machazioth,
ये सभी व्यक्ति हेमान के पुत्र थे। हेमान दाऊद का दृष्टा था। परमेश्वर ने हेमान को शक्तिशाली बनाने का वचन दिया। इसलिये हेमान के कई पुत्र थे। परमेश्वर ने हेमान को चौदह पुत्र और तीन पुत्रियाँ दीं।
tous fils d'Héman, qui était voyant du roi pour révéler les paroles de Dieu et pour exalter sa puissance; Dieu avait donné à Héman quatorze fils et trois filles.
हेमान ने अपने सभी पुत्रों का यहोवा के मन्दिर में गाने में नेतृत्व किया। उन पुत्रों ने मन्जीरे, वीणा और तम्बूरे का उपयोग किया। उनका परमेश्वर के मन्दिर में सेवा करने का वही तरीका था। राजा दाऊद ने उन व्यक्तियों को चुना था।
Tous ceux-là étaient sous la direction de leurs pères, pour le chant de la maison de l'Eternel, et avaient des cymbales, des luths et des harpes pour le service de la maison de Dieu. Asaph, Jeduthun et Héman recevaient les ordres du roi.
वे व्यक्ति और लेवी के परिवार समूह के उनके सम्बन्धी गायन में प्रशिक्षित थे। दो सौ अट्ठासी व्यक्तियों ने योहवा की प्रशंसा के गीत गाना सीखा।
Ils étaient au nombre de deux cent quatre-vingt-huit, y compris leurs frères exercés au chant de l'Eternel, tous ceux qui étaient habiles.
हर एक व्यक्ति जिस भिन्न कार्य को करेगा, उसके चुनाव के लिये वे गोट डालते थे। हर एक व्यक्ति के साथ समान व्यवहार होता था। बूढ़े और जवान के साथ समान व्यवहार था और गुरु के साथ वही व्यवाहर था जो शिष्य के साथ।
Ils tirèrent au sort pour leurs fonctions, petits et grands, maîtres et disciples.
पहले, आसाप (यूसुफ) के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए थे। दूसरे, गदल्याह के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
Le premier sort échut, pour Asaph, à Joseph; le second, à Guedalia, lui, ses frères et ses fils, douze;
तीसरे, जक्कूर के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le troisième, à Zaccur, ses fils et ses frères, douze;
चौथे, यिस्री के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le quatrième, à Jitseri, ses fils et ses frères, douze;
पाँचवें, नतन्याह के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le cinquième, à Nethania, ses fils et ses frères, douze;
छठे, यसरेला के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le sixième, à Bukkija, ses fils et ses frères, douze;
सातवें, बुक्किय्याह के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le septième, à Jesareéla, ses fils et ses frères, douze;
आठवें, यशायाह के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le huitième, à Esaïe, ses fils et ses frères, douze;
नवें, मत्तन्याह के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le neuvième, à Matthania, ses fils et ses frères, douze;
दसवें, शिमी के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le dixième, à Schimeï, ses fils et ses frères, douze;
ग्यारहवें, अजरेल के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le onzième, à Azareel, ses fils et ses frères, douze;
बारहवें, हशब्याह के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le douzième, à Haschabia, ses fils et ses frères, douze;
तेरहवें, शूबाएल के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le treizième, à Schubaël, ses fils et ses frères, douze;
चौदहवें, मत्तिय्याह के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le quatorzième, à Matthithia, ses fils et ses frères, douze;
पन्द्रहवें, यरेमोत के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le quinzième, à Jerémoth, ses fils et ses frères, douze;
सोलहवें, हनन्याह के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le seizième, à Hanania, ses fils et ses frères, douze;
सत्रहवें, योशबकाशा के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le dix-septième, à Joschbekascha, ses fils et ses frères, douze;
अट्ठारहवें, हनानी के पुत्रों और सम्बनधियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le dix-huitième, à Hanani, ses fils et ses frères, douze;
उन्नीसवें,मल्लोती के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le dix-neuvième, à Mallothi, ses fils et ses frères, douze;
बीसवें, इलिय्याता के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le vingtième, à Elijatha, ses fils et ses frères, douze;
इक्कीसवें, होतीर के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le vingt et unième, à Hothir, ses fils et ses frères, douze;
बाईसवें, गिद्दलती के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le vingt-deuxième, à Guiddalthi, ses fils et ses frères, douze;
तेईसवें, महजीओत के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le vingt-troisième, à Machazioth, ses fils et ses frères, douze;
चौबीसवें, रोममतीएजेर के पुत्रों और सम्बन्धियों में से बारह व्यक्ति चुने गए।
le vingt-quatrième, à Romamthi-Ezer, ses fils et ses frères, douze.